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The Great Thought: Bhojpuri


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तू का बुझअ का होला तनहाई, तू का जनबअ का होला बेवफाई..! हई टूटल पाटीये से पुछअ का होला जुदाई, अरे अब केतना जुलम सहीं जालीम.. ई रतीये से पुछअ कब तहार याद ना आईल..!!

एकदिन दूनु (.)(.)अपने में लड़त रहुवन स कि लफड़ा ).( नीचे होला आ कचराली स हमनी का.

एह उम्मीद के टूटे मत दीहऽ दिल के लगी के कम होखे मत दीहऽ दोस्त मिलिहन बहुते हमरो ले बढ़िया बाकिर केहू के हमार जगहा लेबे मत दीहऽ

तहार ई बेरूखी कवनो काम क ना रह जाई ! आ जाई अपने दिल के समझावे हमरा त !!

पोखरा में मछरी, नव नव कुटिया बखरा

जइसन कइलऽ हो कुटुम्ब, तइसन पवलऽ हो कुटुम्ब!

Tohar sms ka intezaarme hum mobilewa hathme liye baitha hun Tanik apni ungliyan mobile pe ghumaike etho sms wa bhej do Hamri tarafse aapko gudmorning va...

दू गो दोस्त रहले. नीमन दोस्त रहलें. बहुत नीमन दोस्त रहलें. बहुते नीमन दोस्त रहलें. अरे छोड़ ना यार! हमनी से नीमन थोड़हीं रहलें...

एगो लड़की से पूछनीं कि शादी का होला? कहलसि - ढेर लोग के सराही नजर छोड़ के. एक आदमी के ओरहन सुने के मजबूरी!

अन्हरा बाँटे रेवड़ी, घूम फिरि अपने के देव.

माँ बाप का दिल जीत लो कामयाब हो जाओगे। वरना सारी दुनिया जीत कर भी हार जाओगे !

लक्ष्मीजी त हमार पतवे भुला गइल बाड़ी. कहीं भेंटास त हमार इयाद दिया दीह. आ कह दीहऽ कि हम इन्तजार करत बानीं.

ना जाने कइसन एह जुग के असर बा, पाथर का पहरा में शीशा के घर बा.

साँच के हरान भले कर दिहल जाव, हरावल ना जा सके. साँच पर टिकल रहऽ ऐ दोस्त, आखिरी जीत तहरे होखी.

बिन बात के रूठे क आदत रहे, केहू आपन क साथ पावे क चाहत रहे, तु खुश रहअ, हमार का..! हम त आइना हई, हमके त टूटे क आदत हवे..!!

केकर केकर लिहीं नाम, कमरी ओढ़ले सगरी गाँव.

हाल दुनिया के का कहीं यारे झूठ के साँच बनावल जाता देश के अबले ना सूरत बदलल, झूठहूँ हल्ला मचावल जाता.

पांच कवर भीतर, तब देवता पितर.

हाथी चले बाजार कूकूर भूंके हजार

जइसन बीतल वइसन भोगनी. अब आगा से निमन बीतो. जवन बीत गइल तवन बात गइल. चलऽ फेर से नया शुरुआति कइल जाव ! जवन बीत गइल ऊ इतिहास हऽ, जवन आवे वाला बा ऊ भविष्य. हमरा तहरा हाथ में बस आजु के वर्तमान बा. आवऽ हँसल जाव, खेलल जाव !

मन कहलस कि चलऽ एसएमएस करीं. सोचनी कि ई पागलपन हऽ रात अधरतिया केहू के एसएमएस कइल. फेर सोचनी कि जाए दऽ जेकरा के करत बानीं उहो त पागले हऽ.

बुड़बक के इयारी आ भादो के उजियारी.

जे तहरा खातिर काँट बने तू कर दऽ ओकरा भाला, उहो सार समुझ जइहन कि पड़ल केहू से पाला.

बीना बतवले उ ना जाने काहे हमसे दूरी क लिहलन, बिछड. के ऊ हमार मुहबबत अधूरे छोर दिहलन..! हमरे मुककदर में खाली गम बा त का भइल, खुदा उनकर खवाइस त पुरा कर दिहलन..!!

जवन बीत गइल ऊ इतिहास हऽ, जवन आवे वाला बा ऊ भविष्य. हमरा तहरा हाथ में बस आजु के वर्तमान बा. आवऽ हँसल जाव, खेलल जाव!

अघाइलो भईंसा त नव कट्ठा.

ना जाने कइसन एह जुग के असर बा, पाथर का पहरा में शीशा के घर बा.

तन के, मन के, घर आंगन के कीचड़ पाँक हटा दीं. प्रेम प्रीत के रंग अबीर हँस के खूब लगा दीं.

जिंदगी भर हम जिंदगी से दूर रहनी , तहरा खातिर हम अपनों से दूर रहनी , अब एह से बढ़ के वफ़ा के सजा का होई , तहार हो के तहरो से दूर रहनी |

ना चिन्हऽ तऽ नया कीनऽ.

हर जुबान पर तहरे नाम होखी, हर कदम पर दुनिया के सलाम होखी, मुश्किलन का सोझा डटल रहीहऽ, दुआ बा हमार एकदिन, सफलता तहार गुलाम होखी!

सेतिहा के सेनुर, भर गाँव बिआह.

अण्डा सिखावे चूजा के कि चेंव चेंव मत कर.

उम्मीद नइखे तबहियो जियत जात बानी. खाली बा बोतल तबहियो पियल जात बानी. हिम्मत देखऽ हमार, रिस्पांस मिलत नइखे तबहियो चुटपुटिहा लिखत जात बानी.उम्मीद नइखे तबहियो जियत जात बानी. खाली बा बोतल तबहियो पियल जात बानी. हिम्मत देखऽ हमार, रिस्पांस मिलत नइखे तबहियो चुटपुटिहा लिखत जात बानी.

राजपूत के बाबू कहले, ब्राह्मण के खिअवले, लाला के लेले देले, राड़ के लतियवले. जइसन देवता, वइसन पूजा.

हर जुबान पर तहरे नाम होखी, हर कदम पर दुनिया के सलाम होखी, मुश्किलन का सोझा डटल रहीहऽ, दुआ बा हमार एकदिन, सफलता तहार गुलाम होखी!

भइल बिआह मोर करबऽ का, बेटी छोड़ि के लेबऽ का ?

अपना दुख से भइनी बाउर, के कूटी सरकारी चाउर?

केहू तनलक तम्मू, केहू तनलक भगई!

चढ़ल सेज स्वामी सजे, रन बन में तलवार, सूरज चान आकास में, बिंदी बीच लिलार.

ना जाने कइसन एह जुग के असर बा, पाथर का पहरा में शीशा के घर बा.

नींद छुपेले जहाँ पे , ख्वाब सजेले जहाँ पे ! खबर ई आईल बा उहां से , कि केहू तोहरे जइसन नाहीं !!..

एक बेहतर पिता नहीं बताता की कैसे जीना है, बल्कि वह उस तरह से जीता है और दिखाता है कैसे जीना है।

जब जब देखी नी उनका के ता उ नजर झुका ले ली जुबान त खामोश रहेला, लेकिन अँखियन से जता देली... अब अगिला लाइन :- जाने कवन बात बा कि ऊ मुस्कुरा देली..

हमके कब चाह रहे कि हमके ऊ चाँद मिले य़ा असमान मिले..! खाली एगो तमन्ना रहे की हमार ऊ सपना के जहाँ मिले..!!

आपन मीठ नींद से छुट्टी लेके , ए दिल के हम जरा दिहली ..! ना तू जनल ,ना हम समझली , कि के केकरा के सजा दिहलस..!!

मन मगन रहतावे, सुन्दर लागऽता दुनिया. जब से खुलल बा वेबसाइट अँजोरिया. भले चाँद सूरज में गरहन लागत रहे, या अल्लाह कयामत ले अँजोरिया सलामत रहे.

एह उम्मीद के टूटे मत दीहऽ दिल के लगी के कम होखे मत दीहऽ दोस्त मिलिहन बहुते हमरो ले बढ़िया बाकिर केहू के हमार जगहा लेबे मत दीहऽ

गाछ ना बिरिछ तहाँ रेंड़ परधान

एह उम्मीद के टूटे मत दीहऽ दिल के लगी के कम होखे मत दीहऽ दोस्त मिलिहन बहुते हमरो ले बढ़िया बाकिर केहू के हमार जगहा लेबे मत दीहऽ

नदी में जहाज तू, अकास में के चाँद तू. फूल में गुलाब तू, हीरा में कोहिनूर तू, सबले बढ़ के हमरा बाग के लंगूर तू!

बिना बोलवले बरूआ बोले, बिना हवा के पीपर डोले.

बुड़बक का लगे पैसा रहो त चाल्हाक खइला बिना ना मरे!

अखबार में पढ़नी ह कि दोस्तन के एसएमएस भेजला से हार्ट पर असर पड़ेला. बस, आज से बन्द! का? अखबार पढ़ल!

सब त रूठ ले रहल हमसे , एगो तू हु रूठ गईला त कउनो बात नाही ! हम त कबसे रहली एकेलै , जे तुहूँ छोड़ गईला त कउनो बात नाही !!

अघाइल बकुला, पोंठिया तींत.

हँसेलऽ हँसावे खातिर, रोवेलऽ सतावे खातिर, एक बेर रुस के त देखऽ, मर जाइब हम तोहके मनावे खातिर!

नौकर के चाकर, मँड़ई के ओसारा.

एह उम्मीद के टूटे मत दीहऽ दिल के लगी के कम होखे मत दीहऽ दोस्त मिलिहन बहुते हमरो ले बढ़िया बाकिर केहू के हमार जगहा लेबे मत दीहऽ

आठ गुणे तीन बराबर एगारह. कइसे?........................................ गलती से!

सतसइया के दोहरे अरु नावक के तीर देखन में एसएमएस लगें घाव करें गम्हीर.

चढ़ल सेज स्वामी सजे, रन बन में तलवार, सूरज चान आकास में, बिंदी बीच लिलार

तोहरे प्यार क दीपक हम अपने दिल में जलवली तोहरे ही दुनिया के हम अपन जहां समझली

ऊगिलत आन्हर निगलत कोढ़ी

लुब लुब करे बहुरिया के जीव, कब हटसु सासू जे चाटीँ घीव !

कूदे फाने तूड़े तान. तेकर दुनिया राखे मान.

एगो आदमी राम मन्दिर में जाके भगवान से अपना भुलाईल मेहरारू के खोज देबे के निहोरा कइलसि. रामजी बोललन - बगल का हनुमान मन्दिर में जाके निहोरा करऽ. हमरो मेहरारू ऊहे खोजले रहन.

मुहब्बत ऊ बारिश हअ .. जेके छूवे के कोशिश में .. हथवा त गीला हो जाय़ेला .. ! आऊर अखिय़ो नम रहेला.. बाकि हाथ फिर भी खालीय़े रहेला.. !!

मौसम क मिसाल देही या तोहार..! केहू पूछत बा कि बदले केकरा आवेला..!!

पेन्सिल पाँच बाति सिखावेले :- जवन कुछ करबऽ ओकर निशान रहि जाई तू आपन गलती हमेशा सुधार सकेलऽ. असल चीज ऊ बा जवन तहरा भीतर बा. जिन्दगी अक्सरहाँ दुखदायी तरीका से तहरा के चोख करी. आ सबसे बड़ बाति ई कि अपना के उपरवाला के इशारा पर छोड़ दऽ जेकरा हाथ तहरा के सम्हरले बा.

लंगटा पहिरी त का, आ बिछाई त का?

एगो केस के दौरान वकिल बडाहि उत्साहित होके बहस कर रहल रहे । जजः तु आपन हद नाघ रहलबाड । वकिलः कौन साला अइसन कहेला । जजः तोहर इ हिम्मत, तु जज के साला कहलह वकिलः ना श्रीमान् हम त कहनी ह कउन सा लां अइसन कहेला ।

तहार नाम लेत भोर से साँझ करी ला, हर पल तोहरा के अपना पास देखि ला. जतना बेर साँस ना तू लेहत होखबू, ओह ले अधिका त हम तोहके इयाद करी ला.

जिनगी एगो सच्चाई ह जिये वाला खातिर , जिनगी एगो सीख ह पछताये वाला खातिर ! जिनगी त हमेशा काम करे ला आईना के , जिनगी एगो दोस्त मित्र ह जिये वाला खातिर !!

जइसन बीतल वइसन भोगनी. अब आगा से निमन बीतो. जवन बीत गइल तवन बात गइल. चलऽ फेर से नया शुरुआति कइल जाव !

ऊ काजल रहे-हमरे आँख क.. आंसू मे घुल के बह आईल..! आऊर ठहर गईल रहे हमरा हथेली पर.. जइसे ऎगो बूंद करीया मोती लेखा..!!

मन मगन रहतावे, सुन्दर लागऽता दुनिया. जब से खुलल बा वेबसाइट अँजोरिया. भले चाँद सूरज में गरहन लागत रहे, या अल्लाह कयामत ले अँजोरिया सलामत रहे.

लिलार बड़ सरदार के, गोड़ बड़ गँवार के.

ए छूँछा तोहके के पुछा?

का कही कुच्छ कहाते नईखे, अकेले ज़िंदगी अब काटाते नईखे, एक-एक पल कैसे गुज़रता उनका बिना, ई-दुनिया वालन के बुझाते नईखे !...

आँख में जमुना जी क पानी ढल रहल बा तोहरे ही आग से दिल आज जल रहल बा

कद्र करो माँ बाप की, दुआओं में उनकी ताकत है।

आम के आम आ अँठिली के दाम

मन कहलस कि चलऽ एसएमएस करीं. सोचनी कि ई पागलपन हऽ रात अधरतिया केहू के एसएमएस कइल. फेर सोचनी कि जाए दऽ जेकरा के करत बानीं उहो त पागले हऽ.

सांस टूट रहल बा, लेकिन आस अभी बाकी बा मन तडफडा रहल बा , हमार प्यास अभी बाकी बा तु हरदम बाडु हमरा संगे, ई एहसास अभी बाकी बा इंतेजार रही मुवे घरी ले काहे की सांस अभी बाकी बा..

मुस्कुरा जे छुपा लेला आपन आंसू..! अपने हालत से ऊ गैरन के भी रुला देला..!!

मैं आपको बहुत मिस करुँगी पापा !

समय से पहिले आ भाग्य से अधिका, ना तऽ मिलल बा, ना मिली. बाकिर तहरा का मालूम कि तहरा भाग्य में कतना बा आ तहार समय कब आई ? एहिसे तू बस हरदम लागल रहऽ !

Bhojpuri ishq- Taj mahal kaun chiz ba, hum ehu se badi imarat banwaib, Mumtaz to mar ke dafan bhaile rahe, tohke sasuri hum zinda dafnaib.

अघाइलो भईंसा त नव कट्ठा.

जइसन रहलऽ हो कुटुम्ब. वइसन पवलऽ हो कुटुम्ब!

आज के काम काल्हु कइल जाई, काल्हु के परसो. जल्दी जल्दी का बा जब, जिए के बा अभी बरसों.

केहू खातिर चार पल के इन्तजार गरज हऽ, चार घण्टा भरोसा हऽ, चार दिन दोस्ती हऽ, आ चार जनम प्यार हऽ!

प्यार में वादा रहे कि अलगा होखला पर ना जीअम. ऊ आपन वादा पूरा कइलन आ प्रेमिका के बिआह का चालीसे साल बाद भरल पूरल परिवार छोड़ के गुजर गइलन.

कोढ़िया डेरावे थूक से.

सपना देखि जुड़ा गइले जियरा सपना अब ना देखावऽ हो राम ! जमीनी हकीकत सकारऽ आ लाग जा अपना काम में.

काबो ई मत पूछीह कि हाल कईसन बा, पहीले ज़ईसन कि अब ना ओइसन बा.? ना जाने कईसे जी लेनी, बहे ला जे लोर तहरा याद मे, त ताड़ी समझ के पी लेनी...

आपन खयाल रखीहऽ ! ना. जीते वाला आपन खयाल ना राखे, ऊ जिम्मेदारी उठावेला, जोखिम उठावेला, आ हालात पर काबू राखेला !.

अईसन परिंदन के कईद कईल हमार फितरत नईखे..! जे हमरा दिल के पिंजरा में रहके भी केहू आउर के संग उड़े क शउख रखे..!!

एकदिन दूनु (.)(.)अपने में लड़त रहुवन स कि लफड़ा ).( नीचे होला आ कचराली स हमनी का.

घर के जोगी जोगड़ा, आन गाँव के सिद्ध.

अइसन बानी बोलिये कि जम के झगड़ा होय, पर ओहसे कुछ ना बोलिये जो तुमसे तगड़ा होय..

सावन में सियार जमलें, भादो में बाढ़ आईल. कहलन कि जिनिगी में अईसनका बाढ़ देखबे ना कईनीं !

सतसइया के दोहरे अरु नावक के तीर देखन में एसएमएस लगें घाव करें गम्हीर.

जनतीं जे अइसने मरजी बा तहरो तऽ कहिये हम मर जइतीं, धिक्कार अइसन जियला पर अक्सरहाँ होखेला दुनिया में अइसन कि याद करेला लोग केहू के मरला पर.

हर आदमी बाप बन सकता है, लेकिन पिता बनने के लिए कुछ ख़ास चाहिए !

एगो लड़की से पूछनीं कि शादी का होला? कहलसि - ढेर लोग के सराही नजर छोड़ के. एक आदमी के ओरहन सुने के मजबूरी!

आगे नाथ ना पाछे पगहा, बिना छान्ह के कूदे गदहा.

दर्द बा केतना बताई कइसे अब तू ही बता द भुलाई कइसे

रात कब हो गइल, खुशी कब खो गइल, आँख कब रो गइल? तोहरा वियोग में अस डूबल रहीं कि कुछ पता ना चलल.

हमरा आजुवो इयाद बा तहार पहिलका एसएमएस, हम लिखले रहुवीं कि भेजे वाला चाल्हाक, पढ़ेवाला बुड़बक. तू खिसिया के लिखले रहलऽ, ना ! भेजेवाला बुड़बक, पढ़ेवाला चाल्हाक !

मेहरारू अपना मरद से पुछलसि, सुहागराति मे जब पहिलका हालि हमरा के देखलऽ त तहरा कईसन लगनी? मरद जवाब दिहलसि, हम त मरिये गईल रहितीं अगर हमरा हनुमान चालीसा ईयाद ना रहल रहित!

बापे पूत, परापत घोड़ा. बहुत नहीं तऽ थोड़ा थोड़ा.

सभ केहू व्यस्त बा अपना जिनिगी का भँवर में. अइसना में एगो चुटपुटिहा धीरे से कहि जाले कि केहू बा, जे तोहरा के भुलाईल नईखे.

आज तू पास नईखु तबो तहार साथ बा अकेले बानी, लेकिन याद दिल के पास बा प्यार जिनगी बना देवेले, हमहुँ सुनले रहनी, लेकिन अब त खाली गम के सैलाब बा...

रत्ती देके माँगसु तोला, नाम बतावसु आपन भोला!

ना निमन काम करे, ना दरबारे धऽ के जाव !

बहुते परेशान बानी तहार नोकरी से ऐ ज़िनगी..! ठीक त ईहे होई कि तू हमारो हिसाब क द..!!

मीठ कि जइसे होखे मिसिरी, तीत कि जइसे मिरचा झूठ. इयार के बोली के कुछ सवादे आउर होला. बस तू कहत रहऽ हम सुनत रहीं!

मियाँ जी दूबर काहे? शहर का अनेसा से.

साँच के हरान भले कर दिहल जाव, हरावल ना जा सके. साँच पर टिकल रहऽ ऐ दोस्त, आखिरी जीत तहरे होखी.

कइसे खतम कर सकीला उनका से आपन रिसता, जिनका बारे मे बस सोचते ही सारा दुनिय़ा भूल जाइला हम...

परवाना रहल कबो अब दीवाना हो गईल अफसाना हमार उनका खातिर तराना हो गईल कबो हमहु जात रहनी उनुका घर के जरी से .. अब त हमार परछाई भी उनुका खातिर बेगाना हो गईल..

खालीयो शिशा मे निशान रह जाला, टूटल दिल मे भी अरमान रह जाला..! जवन खामोशी से गुजर जाला, उ दरिय़ा भी आपन दिल मे तूफान राखेला..!!

मरल आस- विश्वास जो अउर गइल मन हार. तब बूझीं जे आदमी, भरलो-पुरल भिखार.

पलक में आँशु के सजावल ना गईल, उनको के भी दिल के हाल बतावल ना गईल ! जख्म से चूर चूर रहुये ई कलेजा हमार, बाकिर एगो जख्म उनका से देखावल ना गईल. !!...

एक त काली अपने गोर, ओपर से लिहली कमरी ओढ़!

एक दिन उनका के ना देखनी त दिल उदास हो गाईल थोरेही देर मे उ ईतना खास हो गैइले अब तक त पता ना रहे हमरा बाकिर उनका जुदाई के बाद ए एहसास हो गैईल...

केतना इत्मिनान से उ ठुकरा गैलन हमके आंसू बनाई के आंख से टपकाई गैलन हमके कैसन ई रहबरी रहल कैसन फरेब रहल राह देखाई के उहा से भटकाई गईलन हमके.

बईठल बनिया का करे, एह डेहरी से ओह डेहरी में धरे.

आकाश के चमकत तारा देखि तोहार नयन क याद आ गईल चिडियों के चहकत देखि तोहार हंसी खिलखिला गईल देखि चन्द्रमा सी मूरत चेहरा तोहार छा गईल तोहरे याद के वियोग में नैनन में नीर भर गईल ह्रदय दुख से बा बोझल अरमान सब जल गईल कहें छोड़ चली गईलू सारी नेहियाँ विसरा के छोड़ देहलू इहंवा आपन याद इन्तजार के..

सपना देखि जुड़ा गइले जियरा सपना अब ना देखावऽ हो राम ! जमीनी हकीकत सकारऽ आ लाग जा अपना काम में.

चलअ अच्छा भइल अब सुकून से त सुत सकेली हम..! बड़ी मुश्किल से आज दिल क मकांन खाली मिलल बा..!!

अनेरिया गाय के राम रखवार!

जे केहू कभी आपन रहल उ आज एक अनजान हो गईल जे अब मिल ना सकेला आज एक नई पहचान हो गईल

आज सोचनी की तोहरा के सपना कही, पर सपना त सच होखेला ना. तू ख्याले में रोज आईल कर, लोग कहेला की ख्याल कबो बदलेला ना...

दिल के हमरा आज ई अहसास हो गईल, केहू आपन लोगवा के भीड़ में भुला गईल.! कईसे उनका के अपना पास बोलाई, रह-रह के ऊ हमरा से आउरी दूर ओ गईल.!!

जिनिगी से अकुलाईं मत, रो रो के पछताईं मत. आँसू के कीमत समुझीं, जहें तहें ढरकाईं मत.

चिरई के जान जाव, खवईया के सवादे ना.

एगो लड़की से पूछनीं कि शादी का होला? कहलसि - ढेर लोग के सराही नजर छोड़ के. एक आदमी के ओरहन सुने के मजबूरी!

हमरा आजुवो इयाद बा तहार पहिलका एसएमएस, हम लिखले रहुवीं कि भेजे वाला चाल्हाक, पढ़ेवाला बुड़बक. तू खिसिया के लिखले रहलऽ, ना ! भेजेवाला बुड़बक, पढ़ेवाला चाल्हाक !

काहे बनावत बाडू बालू पर महल, एक दिन खुदे मितायिबू तू , आज कहबू की हमरा से प्यार बा तहरा, एक दिन हमार नाम तक भूल जई बू तू...

ना जाने कब कवनो तारा टूट जाय ना जाने कब आँख के आँसू छूट जाय. कुछ घरी हमरा संगे हँस लऽ ए दोस्त. का जाने कब तोहार सामने के दाँत टूट जाय

मन मगन रहतावे, सुन्दर लागऽता दुनिया. जब से खुलल बा वेबसाइट मसतभोजपुरीया.कौम भले चाँद सूरज में गरहन लागत रहे, या अल्लाह कयामत ले मसतभोजपुरीया.कौम सलामत रहे.

पुलिस के मिताई से जुदाई भल

एगो केस के दौरान वकिल बडाहि उत्साहित होके बहस कर रहल रहे । जजः तु आपन हद नाघ रहलबाड । वकिलः कौन साला अइसन कहेला । जजः तोहर इ हिम्मत, तु जज के साला कहलह वकिलः ना श्रीमान् हम त कहनी ह कउन सा लां अइसन कहेला ।

दू बेकत के झगड़ा, बीच मे बोले से लबरा.

बाढ़े पूत पिता का धरमे, खेती उपजे अपना करमे.

बुड़बक बूझावे से मरद !

मुँह पर बड़ाई आ पीठ पाछा बुराई करे वालन से दुनिया भरल बा. दोस्त ऊ होला जे मुँह पर दोष बतावे आ पीठ पाछा बड़ाई करे.

Har Khusi Ke Rah Tohra Taraf Mod Di Aasman Tahra Khati Chand Sitar Tod Di etne Se Kam Chal Jao T Deek rahi Na t kaha T Du Char Go Jhoot Auri Jod Di

खेत खाय गदहा, मार खाये जुलहा.

मुँह पर बड़ाई आ पीठ पाछा बुराई करे वालन से दुनिया भरल बा. दोस्त ऊ होला जे मुँह पर दोष बतावे आ पीठ पाछा बड़ाई करे.

गठरिया तोर कि मोर? अगर कहलसि कि मोर त पहिले कपरवा फोड़ फेर गठरिया छोड़.

हम जब भी डूबल चाहीला, आकाश के ई नील गगनवा में, न जाने काहें..! ई घनघोर बदरा, नाय़ बन के हमके बचा लेवेला..!!

प्रमोदके भगवानजी दर्शन दिहले प्रमोदः भगवानजी रउआ औरतनके एतना खुबसुरत काहे बनवनी भगवानः ताकी तु उनकाके प्यार कर सक । प्रमोदः फेर रउवा ओकनीके एतना बेवकुफ काहे बनवनी । भगवानः ताकी ओकनीयो तोहराके प्यार कर सके ।

घुट घुट के भितरे भितरे दर्द के लोर पी रहल बानी, कागज कलम के सँघतिया बना के होठवा के सी रहल बानी..! मन होला मर जइतीं उनके चौकठ पर जा के, उनकर बदनामी के डर से आज ले जी रहल बानी..!!

गणेशजी के पेट जस बड़ खुशी, सूंढ़ जस लमहर जिनिगी, मूस जस छोट परेशानी, आ लड्डू जस मीठ अनुभव मिलो.

ना जाने कब कवनो तारा टूट जाय ना जाने कब आँख के आँसू छूट जाय. कुछ घरी हमरा संगे हँस लऽ ए दोस्त. का जाने कब तोहार सामने के दाँत टूट जाय

हँसुआ का बिआह में खुरपी के गीत.

जवन बीत गइल ऊ इतिहास हऽ, जवन आवे वाला बा ऊ भविष्य. हमरा तहरा हाथ में बस आजु के वर्तमान बा. आवऽ हँसल जाव, खेलल जाव !

हमरे मन क कमरा जवन कहिये से खाली पड़ल बा..! ओके तहार क़दम क आहट भी, शोर जइनस लागेला..!!

आठ गुणे तीन बराबर एगारह. कइसे? गलती से!

Tuhar SMS Jab Awat Hai Hamar Rom Rom Khil Jawat Hai Badan Ma Gudgudi Howat Hai Esma Tumar SMS Ka Kaunu Kasur Nahi Hai Sasura Hamar Vibrator On Rahat Hai…

जनतीं जे अइसने मरजी बा तहरो तऽ कहिये हम मर जइतीं, धिक्कार अइसन जियला पर अक्सरहाँ होखेला दुनिया में अइसन कि याद करेला लोग केहू के मरला पर.

दिल रोअता तहरा बिना, ई बताईं कइसे आपन अर्थी खुद ढोव तानी, ई बताईं कइसे तू त रह रहल बाडू ससुराल में खुशी-खुशी, हम घुट-घुट के पी रहल बानी, ई बताईं कइसे....

माई करे धिया धिया, धिया करे छिया छिया !

पापा मैं ….छोटी से बड़ी हो गयी क्यूँ ?!!

ना जाने कब कवनो तारा टूट जाय ना जाने कब आँख के आँसू छूट जाय. कुछ घरी हमरा संगे हँस लऽ ए दोस्त. का जाने कब तोहार सामने के दाँत टूट जाय

मेहरारू अपना मरद से पुछलसि, सुहागराति मे जब पहिलका हालि हमरा के देखलऽ त तहरा कईसन लगनी? मरद जवाब दिहलसि, हम त मरिये गईल रहितीं अगर हमरा हनुमान चालीसा ईयाद ना रहल रहित!

हजार गो दोस्त बना लिहल आसान बा. एगो दोस्त बनावल मुश्किल! जे हजार गो दुश्मनन का सामने दोस्ती निभा सको!

लक्ष्मीजी त हमार पतवे भुला गइल बाड़ी. कहीं भेंटास त हमार इयाद दिया दीह. आ कह दीहऽ कि हम इन्तजार करत बानीं.

तहार नाम लेत भोर से साँझ करी ला, हर पल तोहरा के अपना पास देखि ला. जतना बेर साँस ना तू लेहत होखबू, ओह ले अधिका त हम तोहके इयाद करी ला.

निमना के घरे बयना दिहल.

हमरा दिल मे तु रहलु बिसवास बन के दे गैलू धोखा आपन खाश बन के इ दुनिया मे जिये से मन भर गैल बा तबो जियत बानि जिन्दा लाश बन के....

जवने बुराईयों से दूर भागत रहलू आज वही के दिल में बसवलू

माई के जीव गाय लेखा, पूत के जीव कसाई लेखा.

मिले मियाँ के माँड़ ना, आ बिरयानी के फरमाइश !

प्यार में वादा रहे कि अलगा होखला पर ना जीअम. ऊ आपन वादा पूरा कइलन आ प्रेमिका के बिआह का चालीसे साल बाद भरल पूरल परिवार छोड़ के गुजर गइलन.

Tuhar SMS Jab Awat Hai Hamar Rom Rom Khil Jawat Hai Badan Ma Gudgudi Howat Hai Esma Tumar SMS Ka Kaunu Kasur Nahi Hai Sasura Hamar Virator On Rahat Hai…

बुझि ली की बुद्धि कम रहे हमार, एहि से ना बुझि पवनी हम एह माडर्न जमाना के, माई के गोड छु के गोड लागे के अलावा, कवनो अउरी तरिका होखे त बता देs केहु...

गणेशजी के पेट जस बड़ खुशी, सूंढ़ जस लमहर जिनिगी, मूस जस छोट परेशानी, आ लड्डू जस मीठ अनुभव मिलो.

जियत जिनगी ना भुला पाईब तोहरा के गली में घुमत रहेब तोहार नाम ले-लेके एही तरह कहीं अगर हम मर गइनी त हमार रुह भी भटकत रही तहरे पीछे...

भोजपुरी अध्यापक छात्र से – भोजपुरी में अनुवाद करो “दिल के टुकड़े टुकडे करके मुस्कुराके चल दिये” छात्र :- “करेजवा के बुकुनी बुकुनी करके दांत चियार के चल दिहलू”

तहार नाम लेत भोर से साँझ करी ला, हर पल तोहरा के अपना पास देखि ला. जतना बेर साँस ना तू लेहत होखबू, ओह ले अधिका त हम तोहके इयाद करी ला.

Ham Tahake Chahi Tu Hamkke Chah, Ham Tahar Hai Etana Na Tadpav, Tahar Pyar Me Aishan Jadu Ba Ki Bin Bulava Ham Khichal Chali Ayee

जे तहरा खातिर काँट बने तू कर दऽ ओकरा भाला, उहो सार समुझ जइहन कि पड़ल केहू से पाला.

हँसेलऽ हँसावे खातिर, रोवेलऽ सतावे खातिर, एक बेर रुस के त देखऽ, मर जाइब हम तोहके मनावे खातिर!

अइसन त बात नइखे कि हम हरमेस इयाद आएम, तबहूँ बा भरोसा, रउरा भुला ना पाएब.

बरियार चोर सेन्हे पर बिरहा गावे!

दिल से निकलल हर बात एगो जज्बात होला प्यार से बोली वोह बोली के एगो अजबे सौगात होला कबो आजु ले अघाईल नईखे एह नेह छोह के बोली पे जब दिल टुटेला त आंखि से भादो असि बरसात होला..

रात में जागल मत करऽ सूत जाईल करऽ. अइसहीं मन में आँसू मत रोकल करऽ रो लिहल करऽ. हमरा ईयाद में त हरमेस रहेलऽ गुमसुम. कबो कबो अपनो के ईयाद कर लिहल करऽ.

पोखरा में मछरी, नव नव कुटिया बखरा.

जोतिषी जी बतलवलन हा कि तोहरा मोबाइल पर अबहीं कंजूसी के महादशा चलत बा. जल्दी से एगो एसएमएस भेजि के ओकर शान्ति करावऽ ना त तहार मोबाइल चोरी हो जाए के पूरा अनेसा बा!...

उड़ सकेलऽ? संजीवनी बूटी ले आ सकेलऽ? समुन्दर लाँघ सकेलऽ? ना नू? बेटा खाली बानर लेखा मुँह राखला से हर कोई हनुमान जी ना बन जाई!

बबुआ जनमले गोर ना भइलें तऽ अबटला से होखिहन ?

केहू खातिर चार पल के इन्तजार गरज हऽ, चार घण्टा भरोसा हऽ, चार दिन दोस्ती हऽ, आ चार जनम प्यार हऽ!

लाजे भवे बोलसु ना, सवादे भसुर छोड़सु ना!

आठ कुआँ नौ बावड़ी, बा सोरह पनिहार भरल घइलवा ढरकि गे हो, धनि ठाढ़ पछितात.

ना अब मुड़ के देखा तु , ना कवनो आवाज़ दा हमके..! बड़ी मुश्किल से सीखले हई, तहरा के भुलाये..!!

बतावऽ तऽ जानीं वैलेन्टाइन डे १४ फरवरी के लोग अइसन का करेला कि नव महीना बाद १४ नवम्बर के बाल दिवस मनावे के पड़ जाला ?

थूक चाटला से पियास ना बुतावऽ

टूटल जब सपना त के सुनी ई सिसकी..! अन्तर क ई चीर व्यथा पलकन पर ठिठकल बा..!!

सैंया भईनी तोरा वश, जेने जेने मन करे तेने तेने धँसिऽ

बाप के नाम साग पात, बेटा के नाम परोरा.

जिनिगी से अकुलाईं मत, रो रो के पछताईं मत. आँसू के कीमत समुझीं, जहें तहें ढरकाईं मत.

चढते फगुनवा जियरा जरि गईल हो..! हमार सजना सनेहिया बिसार गईलन हो..!!

औरतन के गलती के गिनती नइखे जबकि मरद दूइये गो गलती करेले… एगो जवन कहेले दोसर जवन करेले.

सही कहावत ह कि .. केहू के भूलल अपने बस में ना होला, ना जाने कवन बात के सजा देला ई जिंदगी हमरा के . कि हर मोड़ पर मिला देला उनका से....

इस दुनिया में बिना स्वार्थ के सिर्फ माता पिता ही प्यार कर सकते हैं !

हाट बाट के दोस्ती, बदरायन संबंध़ बहत हवा ना दे सकी बारमबार सुगन्ध. दोस्ती अजमावे के बात ना, निभावे के बात हऽ, बुझलऽ ईयार ?

बड़ बड़ जाना दहाईल जासु, गदहा पूछे कतना पानी.

रात में जागल मत करऽ सूत जाईल करऽ. अइसहीं मन में आँसू मत रोकल करऽ रो लिहल करऽ. हमरा ईयाद में त हरमेस रहेलऽ गुमसुम. कबो कबो अपनो के ईयाद कर लिहल करऽ.

"दिल्ली के सरदी, जैसलमेर के गरमी, मुम्बइ के बरखा, पटना के करप्शन, काश्मीर के आतंकवाद, अफ्रीका के साँप, आ यूपी के आप बाप रे बाप ! बिहार के डाक्टर, यूपी के पुलिस, आ बंगाल के लड़की, लाजवाब होलें."

जब जइसन, तब तइसन. ना करे, त, मरद कइसन?

उड़ सकेलऽ? संजीवनी बूटी ले आ सकेलऽ? समुन्दर लाँघ सकेलऽ? ना नू? बेटा खाली बानर लेखा मुँह राखला से हर कोई हनुमान जी ना बन जाई!

पवन के छुअन से, केहु के एहसास होत बा, ईहो अब अपना साथ, कुछ उडावे लागल बा। अलगे एगो खुश्बु, साँस से दिल मे मिलत बा, अउर हर महक, अब त बहकावे लागल बा।।

मन मगन रहतावे, सुन्दर लागऽता दुनिया. जब से खुलल बा वेबसाइट अँजोरिया. भले चाँद सूरज में गरहन लागत रहे, या अल्लाह कयामत ले अँजोरिया सलामत रहे.

पेन्सिल पाँच बाति सिखावेले :- जवन कुछ करबऽ ओकर निशान रहि जाई तू आपन गलती हमेशा सुधार सकेलऽ. असल चीज ऊ बा जवन तहरा भीतर बा. जिन्दगी अक्सरहाँ दुखदायी तरीका से तहरा के चोख करी. आ सबसे बड़ बाति ई कि अपना के उपरवाला के इशारा पर छोड़ दऽ जेकरा हाथ तहरा के सम्हरले बा.

मीठ कि जइसे होखे मिसिरी, तीत कि जइसे मिरचा झूठ. इयार के बोली के कुछ सवादे आउर होला. बस तू कहत रहऽ हम सुनत रहीं!

काहो नींद अब त आवल करअ, केहू नईखे अब हमरा पास..! जेकरा खातीर तहरा के छोड़ले रहीं, ऊ त अब छोड़ के चल गईनी..!!

ना जाने कइसन एह जुग के असर बा, पाथर का पहरा में शीशा के घर बा.

ख़ुशी से हमेशा दूर रखले बा जिन्दगी हमरा के, दुःख के समुन्द्र में डूब रहल बानी हम ! अंखिया से आँशु बहा रहल बानी हम, हर गम के अकेले ही सह रहल बानी हम !!....

पत्नीः एगो भिखारी हमर बेइज्जति कइले बा । पतीः उ कैसे? पत्नीः काल हम ओकरा खाना खियवले रनी । आजु उ हमरा एगो किताब देके गइलबा– खाना कइसे बनावलजाए? 51.विनोद कपडा किने गइल विनोदः शर्टके कपडा देखाव दोकानदारः प्लेनमे देखाई? विनोदः ना हेलिकोप्टरमे देखाव, विनोदके देखलन ना आ मजाक शुरु....

जे तहरा खातिर काँट बने तू कर दऽ ओकरा भाला, उहो सार समुझ जइहन कि पड़ल केहू से पाला.

सब तरहे क सिकवा सह लेही ला, जिनगी य़ेही तरे जी लेही ला..! मिला लेही ला हाथ जेसे दोस्ती क, ओइ हाथ से फिर जहरो पीये पड़ेला..!!

मेहरारू अपना मरद से पुछलसि, सुहागराति मे जब पहिलका हालि हमरा के देखलऽ त तहरा कईसन लगनी? मरद जवाब दिहलसि, हम त मरिये गईल रहितीं अगर हमरा हनुमान चालीसा ईयाद ना रहल रहित!

चुप्पी से देखभाल सिर्फ एक ही शख्स कर सकता है – "पिता" !

काश कि ई आंसुवन के साथ तहार याद भी बह जात..! त एक दिन तस्सली से बईठ के रो लेंती..!!

हर मर्ज के दावा प्यार ना ह, हर प्यार के अंत तकरार ना ह, शायरी के भाव का बा इ समझल काम आसाऩ ना ह...

पांच कवर भीतर, तब देवता पित्तर!

हजार गो दोस्त बना लिहल आसान बा. एगो दोस्त बनावल मुश्किल! जे हजार गो दुश्मनन का सामने दोस्ती निभा सको!

कबहूँ त भोर होई, कबहूँ छँटी कुहासा ‘भावुक’ ई मान लऽ तू आगे अन्हार नइख

सुनल हऽ कोर्ट एगो आदमी के बलात्कार के दोषी पाके ओकरा पर ११ हजार ४२० बीस रुपिया जुर्माना ठोक दिहलसि. ई कवन हिसाब भईल ? १०००० रेप करे खातिर, सैकड़ै चार का दर से वैट ४०० रुपिया, आ सैकड़ा १०.२ का दर से सर्विस टैक्स १०२० रुपिया !

गुलो के लाख टटोलनी पर गुलबदन ना मिलल चमन मे जिंदगी गुजरनी बाकी चमन ना मिलल ! वफ़ा के राह मे जेवन कुछ मिल गनीमत बा केतना त ऐसे चल गैइले ,जिनके कफ़न ना मिलल !!

विनोदः मोबाइलमे कुछ गाना डाउनलोड करवाएके बा । दोकानदारः मेमोरी कार्ड बा? विनोदः ना विधार्थी कार्ड बा चलि?

आठ गुणे तीन बराबर एगारह. कइसे? गलती से!

साथी तहरा गाँव में, कइसन मचल अन्हेर. आवे जाये के डहर सब दिहले बा घेर.

दुलहवो के भाई, कनियवो के भाई!

तन्हाई के हद के कवनो हिसाब काहे नईखे, किस्मत के सवाल के कवनो जबाब काहे नईखे ..?

भल मुअनी, भल पिलुआ पड़ल

जे तहरा खातिर काँट बने तू कर दऽ ओकरा भाला, उहो सार समुझ जइहन कि पड़ल केहू से पाला.

छोट लोग पइसा पइसा करेला बड़ लोग टाइम टाइम. महान लोग रास्ता बनावेला छोटका लोग बस पाछा पाछा चल देला कामकाजी लोग एसएमएस करेला निकम्मा लोग बइठल पढ़त रहेला

आँसू क समन्दर ख़रीदे में,हर सुकून गवां दिहली हम..! ई दर्द का समा,बड़ी मुश्किल से कमइले बानी हम..!!

उम्मीद नइखे तबहियो जियत जात बानी. खाली बा बोतल तबहियो पियल जात बानी. हिम्मत देखऽ हमार, रिस्पांस मिलत नइखे तबहियो चुटपुटिहा लिखत जात बानी.

माता-पिता से प्रेम करते हैं तो पर्यावरण से भी कीजिये।

तन के, मन के, घर आंगन के कीचड़ पाँक हटा दीं. प्रेम प्रीत के रंग अबीर हँस के खूब लगा दीं.

चलनी दूसे सूप के जेमें बहत्तर छेद

हाट बाट के दोस्ती, बदरायन संबंध़ बहत हवा ना दे सकी बारमबार सुगन्ध. दोस्ती अजमावे के बात ना, निभावे के बात हऽ, बुझलऽ ईयार ?

वैलेन्टाइन डे १४ फरवरी के लोग अइसन का करेला कि नव महीना बाद १४ नवम्बर के बाल दिवस मनावे के पड़ जाला ?

आदमी के भूख लागी अपने से खाई, बकरी के भूख लागी लकड़ी चबाई.

हमरा आजुवो इयाद बा तहार पहिलका एसएमएस, हम लिखले रहुवीं कि भेजे वाला चाल्हाक, पढ़ेवाला बुड़बक. तू खिसिया के लिखले रहलऽ, ना ! भेजेवाला बुड़बक, पढ़ेवाला चाल्हाक !

सराहल बिटियवा डोम घरे जाली.

जहाँ सूई ना समाय, तहाँ फार घुसियाय.

हाल दुनिया के का कहीं यारे झूठ के साँच बनावल जाता देश के अबले ना सूरत बदलल, झूठहूँ हल्ला मचावल जाता.

हमरा आजुवो इयाद बा तहार पहिलका एसएमएस, हम लिखले रहुवीं कि भेजे वाला चाल्हाक, पढ़ेवाला बुड़बक. तू खिसिया के लिखले रहलऽ, ना ! भेजेवाला बुड़बक, पढ़ेवाला चाल्हाक !

परिकऽ हो बिलार, एकदिन खईब मूसली के मार.

काहें याद मिलन क एक बेर भी ना कईलु छोड़ी मोरी नगरी तू कवने नगर चली गईलू

आज के काम काल्हु कइल जाई, काल्हु के परसो. जल्दी जल्दी का बा जब, जिए के बा अभी बरसों.

कूकूर पोसले बानीं तऽ भूँकी मत.

पापा ! आप हमेशा से ही अच्छे थे, मैं ही आपको नहीं समझ सका !

एह हाम‍‍ हूम में देवान जी के तजिया

केतना आसानी से कह देहला तु ..की तोहके भूल जाई ... कईसे भूल जाई तोहके... जबकि तु हमरे हर सांस हर धड़कन में शामाईल बानी ..... कईसे भूल सकेला कोई सांस लेवे कैईसे रुक सकेला ई दिल के धड़कन.... तोहके भूलले से अच्छा बा.. ई साँस के भूल जाई... इ धड़कन के भूल जाई...

बड़ बड़ भूत कदम तर रोवसु, मुआ माँगे पुआ !

करबू तू याद कभी कहत राठौर रहे, बूझबू तू प्रीत हमार, हमरा गुजरला पर. तबहूँ बहईह मत अँखियन से लोर कभी, पानी ना छिड़काला आगी में जरला पर.

दू गो दोस्त रहले. नीमन दोस्त रहलें. बहुत नीमन दोस्त रहलें. बहुते नीमन दोस्त रहलें.

धोबी के कुकुर, ना घर के ना घाट के

खुशी अउर गम त संगे संगे मिलल तबो अपना धुन में चलल जात रहनी सुर में गम आ खुशी के गावत रहनी रो रो के उनकर याद मिटावत रहनी..

निशा जब नीला आँचारा मे सबका समावेले, त अईसे मे जाने काहे रौरे याद आवेले !..

वैलेन्टाइन डे १४ फरवरी के लोग अइसन का करेला कि नव महीना बाद १४ नवम्बर के बाल दिवस मनावे के पड़ जाला ?

बहत गंगा में हाथ जरुर धोवे के चाहीं, बड़ा पुन्न होला! खइले के ना हऽ, पचवलो के हऽ काजर कइले के ना हऽ, मटकवलो के हऽ.

हथिया हथिया कईलन, गदहो ना ले अईलन.

जमाना देखे कहा देला सूरत आसानी से बस देख लेबे के लोग कही देला प्यार आसानी से ! वैसे ता ख्वाब आवेला जेकरा वजह से रात में दिन में उनके वजह से ही भर जाला हमार आंख इ पानी से !!

नदी में जहाज तू, अकास में के चाँद तू. फूल में गुलाब तू, हीरा में कोहिनूर तू, सबले बढ़ के हमरा बाग के लंगूर तू!

कबहूँ त भोर होई, कबहूँ छँटी कुहासा ‘भावुक’ ई मान लऽ तू आगे अन्हार नइखे

एगो आदमी राम मन्दिर में जाके भगवान से अपना भुलाईल मेहरारू के खोज देबे के निहोरा कइलसि. रामजी बोललन - बगल का हनुमान मन्दिर में जाके निहोरा करऽ. हमरो मेहरारू ऊहे खोजले रहन.

सभ केहू व्यस्त बा अपना जिनिगी का भँवर में. अइसना में एगो चुटपुटिहा धीरे से कहि जाले कि केहू बा, जे तोहरा के भुलाईल नईखे.

चउबे गईलन छब्बे बने दूबे बनि के अईलन.

प्रीत क ई कईसन रित निभवलू प्रेम शीश महल के खंडहर बनवलु

दिल्ली के सरदी, जैसलमेर के गरमी, मुम्बइ के बरखा, पटना के करप्शन, काश्मीर के आतंकवाद, अफ्रीका के साँप, आ यूपी के आप बाप रे बाप ! बिहार के डाक्टर, यूपी के पुलिस, आ बंगाल के लड़की, लाजवाब होलें."

राजपूत के बाबू कहले, ब्राह्मण के खिअवले, लाला के लेले देले, राड़ के लतियवले. जइसन देवता, वइसन पूजा.

तोरा बैल मोरा भैंसा, हम दूनों के संगत कइसा?

दरद दे के दरद बढावल ना जाला, दीप जलाके दीप बुझावल ना जाला..! प्रेम केतनो बढ़ी पर बेगाना ना होई, दिल लगाके दिल हटावल ना जाला..!!

जनतीं जे अइसने मरजी बा तहरो तऽ कहिये हम मर जइतीं, धिक्कार अइसन जियला पर अक्सरहाँ होखेला दुनिया में अइसन कि याद करेला लोग केहू के मरला पर.

केहु के प्यार मे पियल ज़हरियो नीक़ लागेला, अंज़ोरिया त अंज़ोरिये ह अन्हरिओ नीक लागेला !..

करबू तू याद कभी कहत राठौर रहे, बूझबू तू प्रीत हमार, हमरा गुजरला पर. तबहूँ बहईह मत अँखियन से लोर कभी, पानी ना छिड़काला आगी में जरला पर.

रात में जागल मत कर् सूत लीहल कर्, अइसहीं मन में आँसू मत रोकल कर् रो लिहल कर्..! हमरा ईयाद में त हरमेसे रहेलस गुमसुम, कबो कबो अपनो के ईयाद कर् लिहल कर्..!!

बाना दिहलू जईसे हमके बेसहारा नबनईह केहू के हमरा जईसन अवारा चाँद जईसन सुरतिया से अब केके आबाद करबू हमरा बाद गोरी केकरा के बर्बाद करबू...

औरतन के गलती के गिनती नइखे जबकि मरद दूइये गो गलती करेले... एगो जवन कहेले दोसर जवन करेले.

जइसन बीतल वइसन भोगनी. अब आगा से निमन बीतो. जवन बीत गइल तवन बात गइल. चलऽ फेर से नया शुरुआति कइल जाव !

रात में जागल मत करऽ सूत जाईल करऽ. अइसहीं मन में आँसू मत रोकल करऽ रो लिहल करऽ. हमरा ईयाद में त हरमेस रहेलऽ गुमसुम. कबो कबो अपनो के ईयाद कर लिहल करऽ.

आई लव यू डैड ।

मरल आस- विश्वास जो अउर गइल मन हार. तब बूझीं जे आदमी, भरलो-पुरल भिखार.

आँख में जमुना जी क पानी ढल रहल बा तोहरे ही आग से दिल आज जल रहल बा जे केहू कभी आपन रहल उ आज एक अनजान हो गईल बा जे अब मिल ना सकेला आज एक नई पहचान हो गईल बा..

अइसन त बात नइखे कि हम हरमेस इयाद आएम, तबहूँ बा भरोसा, रउरा भुला ना पाएब.

हमरा आजुवो इयाद बा तहार पहिलका एसएमएस, हम लिखले रहुवीं कि भेजे वाला चाल्हाक, पढ़ेवाला बुड़बक. तू खिसिया के लिखले रहलऽ, ना ! भेजेवाला बुड़बक, पढ़ेवाला चाल्हाक !

1 African Girl says.. i Love U to a Bihari Boy Bihari Boys Say Tum husan nahi aag ka dariyaho hum tumse pyar nahi karsakte kyu ki tum bahut karia ho....

ना जाने कब कवनो तारा टूट जाय ना जाने कब आँख के आँसू छूट जाय. कुछ घरी हमरा संगे हँस लऽ ए दोस्त. का जाने कब तोहार सामने के दाँत टूट जाय

"बेटाः पडोसी के लडकीके इंगलिस नाआवेला । बापः तोहरा केतरे मालुम बा? बेटाः हम ओकरा कहनी ह GIVE ME A SWEET KISS त थप्पड मार दिहलस गवार लडकी ।"

सांस रुक जाई त रुक जाई जिंदगी हर सांस में तू ही समाइल बाडू ह्र दिन करी जतन भूल जाए खातिर एक पल भी कहाँ तू भुलैइल बाडू...

खामोशी से हमके ऊ फुसला देली हमार रात के नीद और दिन के चैन उडा देली हम ता बेचैन हो के बस रही जानी हमारा दिल में आग उ लगा देली |...

मुँह पर बड़ाई आ पीठ पाछा बुराई करे वालन से दुनिया भरल बा. दोस्त ऊ होला जे मुँह पर दोष बतावे आ पीठ पाछा बड़ाई कर

Har Khusi Ke Rah Tohra Taraf Mod Di Aasman Tahra Khati Chand Sitar Tod Di etne Se Kam Chal Jao T Deek rahi Na t kaha T Du Char Go Jhoot Auri Jod Di

आपका गुस्सा देखा था मैंने, काश मैं समझ जाता वो गुस्सा नहीं, आपका अपनापन है !

रूह समाईल बा ई देह में, देह इ जहान में फसल बा..! ज़िंनगी ईहे सिलसिला से बस आगे बढ़ रहल बा..!!

अइसन बानी बोलिये कि जम के झगड़ा होय, पर ओहसे कुछ ना बोलिये जो तुमसे तगड़ा होय..

अखबार में पढ़नी ह कि दोस्तन के एसएमएस भेजला से हार्ट पर असर पड़ेला. बस, आज से बन्द! का?

सपना देखि जुड़ा गइले जियरा सपना अब ना देखावऽ हो राम ! जमीनी हकीकत सकारऽ आ लाग जा अपना काम में.

irtel Ka Palang, Aircel Ka Takiya, Docomo Ka Bedshit, Idea Ka Rajaai, Smart Ki Ladki Aur Raat Bhar Hutch Hutch Hutch.

हर जुबान पर तहरे नाम होखी, हर कदम पर दुनिया के सलाम होखी, मुश्किलन का सोझा डटल रहीहऽ, दुआ बा हमार एकदिन, सफलता तहार गुलाम होखी!

घर फूटे जवार लूटे

ऊ जमीं नइखे आसमां नइखे अजी अब मनवा कईसे लागो उ हीत नइखे उ मीत नइखे सभे अझुराईले बा एहिजा त मन भुलाइल बा परीत जईसे !!..

मुझे नहीं पता था डैड ! की मैं आपके दिल में हमेशा से था ! थैंक्स :)

प्यार में वादा रहे कि अलगा होखला पर ना जीअम. ऊ आपन वादा पूरा कइलन आ प्रेमिका के बिआह का चालीसे साल बाद भरल पूरल परिवार छोड़ के गुजर गइलन.

खड़ा होखऽ त कोड़ऽ, बइठऽ त चिखुरऽ

बतिया पंचे के रही, खूंटवा रहिये पर रही.

दमड़ी के चाम गइल, कुकुर के जात चिन्हाइल.

प्रमोदके पत्नी प्रमोदसेः बताव उ कौन चिज ह जेके तु रोज देखत सकेल बाकि तुड नासकेल । प्रमोदः रहेद बेकारमे बखेडा होजाई पत्नीः बताव ना प्रमोदः तोहर मुह, बंदरीया अउर का ।

जोतिषी जी बतलवलन हा कि तोहरा मोबाइल पर अबहीं कंजूसी के महादशा चलत बा. जल्दी से एगो एसएमएस भेजि के ओकर शान्ति करावऽ ना त तहार मोबाइल चोरी हो जाए के पूरा अनेसा बा!..

जबरा मारबो करे आ रोवहूँ ना देव.

तहार नाम लेत भोर से साँझ करी ला, हर पल तोहरा के अपना पास देखि ला. जतना बेर साँस ना तू लेहत होखबू, ओह ले अधिका त हम तोहके इयाद करी ला.

दिल के बेकरारी बोलावत बा आजा आज ई तनहाई सतावत बा आजा तहरे बिना सुन बा मनवा के बगिया आके तू एह के महका द ए रानी...

रमेशः बर्फके टुकडा हाथमे लेके गौरसे देखत रहे सुरेशः का कररहल बाड? रमेशः देख रहलबानि कि इ लिक कहासे होरहल बा ।

नजर चुरावे ल तु काहे भला..! केहू अपने ही चीज़ चुरावे ला का..!!

एगो आदमी राम मन्दिर में जाके भगवान से अपना भुलाईल मेहरारू के खोज देबे के निहोरा कइलसि. रामजी बोललन - बगल का हनुमान मन्दिर में जाके निहोरा करऽ. हमरो मेहरारू ऊहे खोजले रहन.

कबो हमरा दिलवा के भी समझ, तू त थामे से पाहिले ही हाथ छोड़ावे लगलू ! हम त कब के ही मर जईति, तू आके हमरा जिन्दगी में हमके जियावे लगलू !!..

आठ गुणे तीन बराबर एगारह. कइसे? गलती से!

छूछी हाँड़ी टनटन बाजे.

"दिल्ली के सरदी, जैसलमेर के गरमी, मुम्बइ के बरखा, पटना के करप्शन, काश्मीर के आतंकवाद, अफ्रीका के साँप, आ यूपी के आप बाप रे बाप ! बिहार के डाक्टर, यूपी के पुलिस, आ बंगाल के लड़की,"

जवना हाँड़ि के झाप ना, ऊहाँ बिलाई के लाज ना!

आपन छँवड़ी नीमन रहित त बिरान पारीत गारी!

हमरा के रोवावे खाति उ कवनो कसर बाकी ना रखलस, हमार हंसी देखि के का जाने काहे ओकर लोर गिर परल ...

पेन्सिल पाँच बाति सिखावेले :- जवन कुछ करबऽ ओकर निशान रहि जाई तू आपन गलती हमेशा सुधार सकेलऽ. असल चीज ऊ बा जवन तहरा भीतर बा. जिन्दगी अक्सरहाँ दुखदायी तरीका से तहरा के चोख करी. आ सबसे बड़ बाति ई कि अपना के उपरवाला के इशारा पर छोड़ दऽ जेकरा हाथ तहरा के सम्हरले बा.

मरद मूड़ी आ मेहरी गरदन होले. गरदन मूड़ी के जब जेने मन करेला वोइसे घुमा लेले

आकाश के चमकत तारा देखि तोहार नयन क याद आ गईल चिडियों के चहकत देखि तोहार हंसी खिलखिला गईल देखि चन्द्रमा सी मूरत चेहरा तोहार छा गईल तोहरे याद के वियोग में नैनन में नीर भर गईल ह्रदय दुख से बा बोझल अरमान सब जल गईल कहें छोड़ चली गईलू सारी नेहियाँ विसरा के छोड़ देहलू इहंवा आपन याद इन्तजार के...

प्रेम एक अनमोल खजाना तू कहलू धन के आगे आखिर तू झुक गईलू

छोट लोग पइसा पइसा करेला बड़ लोग टाइम टाइम. महान लोग रास्ता बनावेला छोटका लोग बस पाछा पाछा चल देला कामकाजी लोग एसएमएस करेला निकम्मा लोग बइठल पढ़त रहेला

ना खेलेम ना खेले देम खेलवे बिगाड़म.

Ek bihari baccha apni pregnant mummy se puchta hai: isme kya hai. Mummy: isme ek chota baby hai. baccha: agar baby itna hi acha tha to kha kyun gayi. Har Khusi Ke Rah Tohra Taraf Mod Di Aasman Tahra Khati Chand Sitar Tod Di etne Se Kam Chal Jao T Deek rahi Na t kaha T Du Char Go Jhoot Auri Jod Di

मीठ कि जइसे होखे मिसिरी, तीत कि जइसे मिरचा झूठ. इयार के बोली के कुछ सवादे आउर होला. बस तू कहत रहऽ हम सुनत रहीं!

अनपढ़ मेरे गाँव का गाय चराने जाये, पढ़ा-लिखा तू शहर का कुत्तों को टहलाय।

जिनिगी अब पहाड़ जइसन लागे लगल बा सुखला में बाढ़ जइसे लागे लगल बा..! कुछुओ कहाँ बा आपन अब, सब झूठीये के भरम बा साँसो अब उधार जइसन लागे लगल बा..!!

मरल आस- विश्वास जो अउर गइल मन हार. तब बूझीं जे आदमी, भरलो-पुरल भिखार.

बहत गंगा में हाथ जरुर धोवे के चाहीं, बड़ा पुन्न होला! खइले के ना हऽ, पचवलो के हऽ काजर कइले के ना हऽ, मटकवलो के हऽ.

जइसन बीतल वइसन भोगनी. अब आगा से निमन बीतो. जवन बीत गइल तवन बात गइल. चलऽ फेर से नया शुरुआति कइल जाव ! जवन बीत गइल ऊ इतिहास हऽ, जवन आवे वाला बा ऊ भविष्य. हमरा तहरा हाथ में बस आजु के वर्तमान बा. आवऽ हँसल जाव, खेलल जाव !

हजार गो दोस्त बना लिहल आसान बा. एगो दोस्त बनावल मुश्किल! जे हजार गो दुश्मनन का सामने दोस्ती निभा सको!

बहत गंगा में हाथ जरुर धोवे के चाहीं, बड़ा पुन्न होला! खइले के ना हऽ, पचवलो के हऽ काजर कइले के ना हऽ, मटकवलो के हऽ

उजाला आपन याद क हमरे साथ रहे द..! न जाने कवने गली में जिनगी क शाम हो जाइ..!!

काश कि रउरा बकरी होखतीं. हम रउरा के प्यार से घास खियईतीं आ फेर प्यार से सींग पकड़ के हिलइतीं आ पूछतीं चुटपुटिहा के भेजी ? आ रउरा मिमियतीं मैं.. मैं.... मैं....

करबू तू याद कभी कहत राठौर रहे, बूझबू तू प्रीत हमार, हमरा गुजरला पर. तबहूँ बहईह मत अँखियन से लोर कभी, पानी ना छिड़काला आगी में जरला पर.

मन कहलस कि चलऽ एसएमएस करीं. सोचनी कि ई पागलपन हऽ रात अधरतिया केहू के एसएमएस कइल. फेर सोचनी कि जाए दऽ जेकरा के करत बानीं उहो त पागले हऽ.

केहू खातिर चार पल के इन्तजार गरज हऽ, चार घण्टा भरोसा हऽ, चार दिन दोस्ती हऽ, आ चार जनम प्यार हऽ!

सुनल हऽ कोर्ट एगो आदमी के बलात्कार के दोषी पाके ओकरा पर ११ हजार ४२० बीस रुपिया जुर्माना ठोक दिहलसि. ई कवन हिसाब भईल ? १०००० रेप करे खातिर, सैकड़ै चार का दर से वैट ४०० रुपिया, आ सैकड़ा १०.२ का दर से सर्विस टैक्स १०२० रुपिया !

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मँगनी के बैल के दाँत ना देखल जाव.

केकर केकर लिहीं नाम, कमरी ओढ़ले सगरी गाँव.

कवने लालच में ईमान खराब कई देहलू हमरे अटूट विश्वाश से काहें छल कईलु

उम्मीद नइखे तबहियो जियत जात बानी. खाली बा बोतल तबहियो पियल जात बानी. हिम्मत देखऽ हमार, रिस्पांस मिलत नइखे तबहियो चुटपुटिहा लिखत जात बानी.

जेकरा नोहे ना रही ऊ बकोटी का ?

छोट लोग पइसा पइसा करेला बड़ लोग टाइम टाइम. महान लोग रास्ता बनावेला छोटका लोग बस पाछा पाछा चल देला कामकाजी लोग एसएमएस करेला निकम्मा लोग बइठल पढ़त रहेला

चिरई के जान जाव, खवइया के सवादे ना!

आपन खयाल रखीहऽ ! ना. जीते वाला आपन खयाल ना राखे, ऊ जिम्मेदारी उठावेला, जोखिम उठावेला, आ हालात पर काबू राखेला !

जोतिषी जी बतलवलन हा कि तोहरा मोबाइल पर अबहीं कंजूसी के महादशा चलत बा. जल्दी से एगो एसएमएस भेजि के ओकर शान्ति करावऽ ना त तहार मोबाइल चोरी हो जाए के पूरा अनेसा बा!...

आपन ईमान भगवान् सब बेच देहलू कुचल मानवता कदमो तले चली गईलू

आप मेरे सब से अच्छे दोस्त हैं पापा !

अब सोचे के पड़ी की केकरा से दिल लगाई, ई दुनिओ त इहे सोचत बा. कुछ पूरान यादन के दिल से निकले के खातिर, आज दिल फेरु से धडकत बा...

नदी में जहाज तू, अकास में के चाँद तू. फूल में गुलाब तू, हीरा में कोहिनूर तू, सबले बढ़ के हमरा बाग के लंगूर तू!

रात कब हो गइल, खुशी कब खो गइल, आँख कब रो गइल? तोहरा वियोग में अस डूबल रहीं कि कुछ पता ना चलल.

सिरफल पाकलऽ, ऐहसे कउवा के बाप के का ?

सौतिन के खीस कठौती पर.

नानी के धन, बेइमानी के धन, आ जजमानी के धन फले ना.

रूह से कह द रूवावल छोर दे ! या बदन क आशियाना छोर दे !!

समय से पहिले आ भाग्य से अधिका, ना तऽ मिलल बा, ना मिली. बाकिर तहरा का मालूम कि तहरा भाग्य में कतना बा आ तहार समय कब आई ? एहिसे तू बस हरदम लागल रहऽ !

मोहबत पर य़ेतना यकिन ना रहे जेतना तहरा पर बा , बस येतना खयाल रखिह अगर वफा ना सकेल त धोखा भी मत दीह !!..

अइसन बानी बोलिये कि जम के झगड़ा होय, पर ओहसे कुछ ना बोलिये जो तुमसे तगड़ा होय..

तूहू लूटऽ हमहूँ लूटीं, लूटे के आजादी बा. सबले अधिका उहे लूटी, जेकरा देह पर खादी बा.

सभ केहू व्यस्त बा अपना जिनिगी का भँवर में. अइसना में एगो चुटपुटिहा धीरे से कहि जाले कि केहू बा, जे तोहरा के भुलाईल नईखे.

तनहा रहल त मोहबबत करे वाला क रशम-वफा हवे..! अगर फूल खुशी खातिर होत त केहू जनाजा पर नाही डालत..!!

आठ कुआँ नौ बावड़ी, बा सोरह पनिहार भरल घइलवा ढरकि गे हो, धनि ठाढ़ पछितात.

दिया जरईला से अगर अन्हार दुर होइत त चान्द सुरज के जरुरत काहे प्यार मोहब्बत से कट जाईत् जिनगी फेरु दोस्ती के जरुरत काहे..

जनतीं जे अइसने मरजी बा तहरो तऽ कहिये हम मर जइतीं, धिक्कार अइसन जियला पर अक्सरहाँ होखेला दुनिया में अइसन कि याद करेला लोग केहू के मरला पर.

खायेम तऽ गेंहूँ, ना तऽ रहेम एहूँ.

बहत गंगा में हाथ धोवल

ई फूलन मे अब उ महक कहॉ, इ राह क अब कवनो मंजिल कहॉ..! क लेती हम मोम अगर केहू पत्थर दिल होत त, पर इहां त केहू में इंसानी दिल बा कहॉ..!!

मुँह पर बड़ाई आ पीठ पाछा बुराई करे वालन से दुनिया भरल बा. दोस्त ऊ होला जे मुँह पर दोष बतावे आ पीठ पाछा बड़ाई करे.

पापा, आप अनमोल थे !

एक लाख पूत, सवा लाख नाती, ओकरा घरे दिआ ना बाती.

उजरल घर में अब केके ढूँढ़त बाड. तु..! बरबाद भईला पर ओकर ठिकाना ना रहेला..!!

मरद मूड़ी आ मेहरी गरदन होले. गरदन मूड़ी के जब जेने मन करेला वोइसे घुमा लेले.

हँसेलऽ हँसावे खातिर, रोवेलऽ सतावे खातिर, एक बेर रुस के त देखऽ, मर जाइब हम तोहके मनावे खातिर!

गठरिया तोर कि मोर? अगर कहलसि कि मोर त पहिले कपरवा फोड़ फेर गठरिया छोड़.

आपन खयाल रखीहऽ ! ना. जीते वाला आपन खयाल ना राखे, ऊ जिम्मेदारी उठावेला, जोखिम उठावेला, आ हालात पर काबू राखेला !

कान्वेन्ट स्कूल और सरकारी स्कूल के बच्चों में अन्तर कान्वेंट स्कूल के बच्चे चिड़िया घर में : – oh!! WoW Monkey is Sleeping Don’t Disturb!! सरकारी स्कूल के बच्चे :- हऊ देख बनरा सुतल बा मार ढेला सारे के लिहो लिहो लिहो !!

करबू तू याद कभी कहत राठौर रहे, बूझबू तू प्रीत हमार, हमरा गुजरला पर. तबहूँ बहईह मत अँखियन से लोर कभी, पानी ना छिड़काला आगी में जरला पर.

मन कहलस कि चलऽ एसएमएस करीं. सोचनी कि ई पागलपन हऽ रात अधरतिया केहू के एसएमएस कइल. फेर सोचनी कि जाए दऽ जेकरा के करत बानीं उहो त पागले हऽ.

रमेशः बर्फके टुकडा हाथमे लेके गौरसे देखत रहे सुरेशः का कररहल बाड? रमेशः देख रहलबानि कि इ लिक कहासे होरहल बा ।

छोट लोग पइसा पइसा करेला बड़ लोग टाइम टाइम. महान लोग रास्ता बनावेला छोटका लोग बस पाछा पाछा चल देला कामकाजी लोग एसएमएस करेला निकम्मा लोग बइठल पढ़त रहेला..

दर्द के केहु से बतावे के जरुरत का बा केहु के दिल से भुलावे के जरुरत का बा जब नेह लागल तोहरा से ए गोरिया त आजु जिही आ मरी देखावे के जरुरत का बा..

केहू खातिर चार पल के इन्तजार गरज हऽ, चार घण्टा भरोसा हऽ, चार दिन दोस्ती हऽ, आ चार जनम प्यार हऽ!

समय से पहिले आ भाग्य से अधिका, ना तऽ मिलल बा, ना मिली. बाकिर तहरा का मालूम कि तहरा भाग्य में कतना बा आ तहार समय कब आई ? एहिसे तू बस हरदम लागल रहऽ !

हाट बाट के दोस्ती, बदरायन संबंध़ बहत हवा ना दे सकी बारमबार सुगन्ध. दोस्ती अजमावे के बात ना, निभावे के बात हऽ, बुझलऽ ईयार ?

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हानि लाभ जीवन मरण, जस अपजसु विधि हाथ.

वो माता-पिता ही हैं, जिनसे आपने मुस्कुराना सीखा !

मेरे पापा ने एक बार मुझे बहुत जोर से मारा था ! अब अच्छा लगता है याद करके ! उस वक़्त क्यूँ नहीं लगा ? :)

नींद छुपेले जहाँ पे , ख्वाब सजेले जहाँ पे ! खबर ई आईल बा उहां से , कि केहू तोहरे जइसन नाहीं !!..

हम आउर हमार चाँद.. अक्सर अधियारी रतिया में..! एक-दुसरा के बात में डूबके.. जागल करी ल जा रात भर..!!

साथी तहरा गाँव में, कइसन मचल अन्हेर. आवे जाये के डहर सब दिहले बा घेर.

सोचतानी कइसे उनुके भुलायेब हम, अब अपना दिल के कैसे समझायिब हम, ऊ ता बस छोड़ के चल देहली , अब जीए खातिर कवन उपाय लगायिब हम ...

जवना खातिर अलगा भइनी, तवने मिलल बखरा.

अनकर धन पाईं त नौ मन तौलाईं.

दू गो दोस्त रहले. नीमन दोस्त रहलें. बहुत नीमन दोस्त रहलें. बहुते नीमन दोस्त रहलें. अरे छोड़ ना यार! हमनी से नीमन थोड़हीं रहलें...

उड़त चिरई के हरदी लगावल.

नदी में जहाज तू, अकास में के चाँद तू. फूल में गुलाब तू, हीरा में कोहिनूर तू, सबले बढ़ के हमरा बाग के लंगूर तू!

अइसन त बात नइखे कि हम हरमेस इयाद आएम, तबहूँ बा भरोसा, रउरा भुला ना पाएब.

इतर के पानी भीतर गइल, चुम्मा लेत में जात गइल.

अबर बानीं, दूबर बानीं, भाई में बरोबर बानीं.

कुछ फासला खाली आंख से होला, बाकी दिल क फासला खाली बात से होला,! केहू लाख भूले के कोशिश करे, बाकी कुछ रिश्ता खतम खाली साँस से होला,!!

जिनिगी से अकुलाईं मत, रो रो के पछताईं मत. आँसू के कीमत समुझीं, जहें तहें ढरकाईं मत.

हँसेलऽ हँसावे खातिर, रोवेलऽ सतावे खातिर, एक बेर रुस के त देखऽ, मर जाइब हम तोहके मनावे खातिर!

औरतन के गलती के गिनती नइखे जबकि मरद दूइये गो गलती करेले... एगो जवन कहेले दोसर जवन करेले.

ई उदास कोहरा पे सवार हवे, हमार बे-पनाह अश्क़न क बरसात..! ई अऊर बात हवे, कि तक़दीर हमरा से लिपट के रोवलस, बाकी ...... बाज़ू त तहरा देख के ही फैलईले रहीं..!!

ईश्वर का सबसे अनमोल तोहफा – मेरे मम्मी पापा :)

आन्हर गुरु बहिर चेला, माँगे गुड़ तऽ देबे ढेला.

हर जुबान पर तहरे नाम होखी, हर कदम पर दुनिया के सलाम होखी, मुश्किलन का सोझा डटल रहीहऽ, दुआ बा हमार एकदिन, सफलता तहार गुलाम होखी मसतभोजपुरीया.कौम!

ना काम के ना काज के दुशमन अनाज के.

पड़ूआ बैल के हेहवऽ के आशा.

मूस मोटइहें, लोढ़ा होइहें, का हाथी का घोड़ा होईहें.

एगो ट्रक दोसर ट्रकके रस्सीसे बाध के लेजात रहे । इ देखके प्रमोद हंस हंसके कहेलागल “एगो रस्सीके लेजाए खातिर दु दु गो ट्रक”

तहरापंजराममाईकेदुलारिमलेला, तहराअंचरामठंढाबयारबहेला, जबभीहमराहोठसेलागेलुत, कानेमजईसेसतारबाजेला...

ऐ घाम के आग, पहीले त बर्दाश ना होत रहे, अब घाम के भी, दिली-आग जरावे लागल बा। बिगहा पार देखल भी, मुश्कील हो गईल तब से, जब से मनवा केहु के, दर्शन करावे लगल बा।।...


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